स्कूल विज़िट
प्रशिक्षित टीम निर्धारित स्कूलों तक पहुँचकर दृष्टि की प्रारंभिक जाँच करेगी।
100 स्कूलों में 10,000 बच्चों की आँखों की जाँच और ज़रूरतमंद बच्चों को निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराने की पहल।

कार्यक्रम के बारे में / ABOUT THE PROGRAMME
कई बच्चों में आँखों की समस्याएँ समय पर पहचानी नहीं जातीं। इससे पढ़ने, सीखने और रोज़मर्रा की गतिविधियों में कठिनाई हो सकती है। बाल दृष्टि कार्यक्रम स्कूलों में प्रारंभिक जाँच और उचित रेफ़रल की व्यवस्था पर केंद्रित है।
पूरा कार्यक्रम प्रस्ताव पढ़ें (PDF)हमारा उद्देश्य
कार्यक्रम कैसे काम करता है
स्कूल आधारित जाँच, आवश्यक परामर्श और ज़रूरतमंद बच्चों को चश्मे — एक स्पष्ट सहायता प्रक्रिया।
प्रशिक्षित टीम निर्धारित स्कूलों तक पहुँचकर दृष्टि की प्रारंभिक जाँच करेगी।
दृष्टि और चश्मे के नंबर की जाँच; भेंगापन और एम्ब्लायोपिया जैसी संभावित समस्याओं की पहचान।
जाँच में आवश्यकता पाए जाने पर आगे की विशेषज्ञ सलाह और रेफ़रल।
चश्मे की ज़रूरत वाले बच्चों को कार्यक्रम के अंतर्गत निःशुल्क चश्मे।

इस कार्यक्रम के लिए अलग सहयोग पेज
नीचे सीधे भुगतान का विकल्प चुनें या राशि के साथ स्वतः तैयार WhatsApp संदेश के माध्यम से जानकारी लें।
₹5,000
चश्मे की ज़रूरत वाले 10 बच्चों के लिए निर्धारित सहयोग राशि।
₹10,000
चश्मे की ज़रूरत वाले 20 बच्चों के लिए निर्धारित सहयोग राशि।
राशि लिखें तो वह WhatsApp संदेश में अपने आप जुड़ जाएगी। बिना राशि लिखे भी सीधे बात कर सकते हैं।
नोट: ऑनलाइन भुगतान के लिए दिए गए दोनों बटन आपके उपलब्ध कराए गए Razorpay लिंक खोलते हैं। अन्य राशि के लिए WhatsApp पर भुगतान विकल्प प्राप्त करें। भुगतान करने से पहले अंतिम राशि और भुगतान विवरण जाँच लें।
पारदर्शिता / USE OF FUNDS
इस कार्यक्रम के प्रस्ताव के अनुसार सहयोग राशि ज़रूरतमंद बच्चों के चश्मों के लिए है। जाँच से जुड़ी व्यवस्था और स्कूल विज़िट का व्यय संस्था वहन करेगी।
प्रस्ताव में पूरी जानकारी देखें ↗ज़रूरतमंद बच्चों को निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराने के लिए।
विशेषज्ञ टीम, स्कूल विज़िट और प्राथमिक जाँच का खर्च संस्था द्वारा।
नेत्र समस्याओं की पहचान से जुड़े उपकरण और जाँच व्यवस्था का खर्च संस्था द्वारा।
श्री गणेश विनायक फाउंडेशन × श्री गणेश विनायक आई हॉस्पिटल, रायपुर
बात करने के लिए पहले राशि चुनना ज़रूरी नहीं है। सीधे WhatsApp पर प्रश्न भेजें।